भाजपा की ओर से स्नेह यात्रा की शुरुआत भी की गई है। इसके तहत केरल में भाजपा के नेता क्रिसमस के कार्य़क्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी भी कई बार इसका जिक्र कर चुके हैं कि हमें अल्पसंख्यक समुदायों…
पीएम नरेंद्र मोदी दिल्ली में क्रिसमस सेलिब्रेशन के एक इवेंट में शामिल हुए थे। इसका आयोजन कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया ने किया था। इस पर केरल की एक कैथोलिक चर्च के बिशप ने तंज कसा है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, ‘वहां वे बिशप का सम्मान करता है और क्रिब को लेकर श्रद्धा दिखाते हैं। यहां वे क्रिब को तबाह करना चाहते हैं।’ बता दें कि क्रिब क्रिसमस सेलिब्रेशन के दौरान की जाने वाली उस सजावट को कहा जाता है, जो ईसा मसीह के जन्म को दर्शाती है। उन्होंने पलक्कड़ के सरकारी स्कूलों में क्रिसमस सेलिब्रेशन के आयोजनों में बवाल किए जाने की घटनाओं का जिक्र किया। इनमें से एक घटना में चित्तूर में तीन वीएचपी नेताओं को अरेस्ट किया गया है। इसके अलावा दूसरी घटना में उपद्रवियों की तलाश जारी है। आरोप है कि पलक्कड़ के नालेपल्ली इलाके के अपर प्राइमरी स्कूल में क्रिसमस मनाया जा रहा था। इस दौरान के. अनिल कुमार के नेतृत्व में वीएचपी के तीन नेता पहुंच गए थे। आरोप है किन इन लोगों ने क्रिसमस के सेलिब्रेशन पर सवाल उठाया और उसे रोकने की कोशिश की। इन लोगों ने कहा कि आखिर आप लोग क्रिसमस मनाते हैं, लेकिन जन्माष्टमी का सेलिब्रेशन क्यों नहीं किया जाता। इसके अलावा टीचर्स और अन्य लोगों के सांता क्लॉज की ड्रेस पहनने को लेकर भी सवाल उठाया। वीएचपी के नेताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के सेक्शन 329 (3), 296 (b), 351 (2) और 132 के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा एक अन्य स्कूल में क्रिसमस के क्रिब को नुकसान पहुंचाया गया। स्कूल को शुक्रवार को बंद कर दिया गया और सेमेस्टर एग्जाम के बाद छुट्टियां हैं। फिर भी पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। इन्हीं दो घटनाओं को लेकर बिशप ने पीएम नरेंद्र मोदी के क्रिसमस सेलिब्रेशन में जाने को लेकर तंज कसा है। हालांकि भाजपा की ओर से स्नेह यात्रा की शुरुआत भी की गई है। इसके तहत केरल में भाजपा के नेता क्रिसमस के कार्य़क्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी भी कई बार इसका जिक्र कर चुके हैं कि हमें अल्पसंख्यक समुदायों के बीच जाना होगा और उनके बीच पैदा हुई भ्रांतियों को दूर करना होगा।
![]()
Discover more from जन विचार
Subscribe to get the latest posts sent to your email.




