हिन्दू धर्म में गणेश चतुर्थी की प्रासंगिकता

गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार विशेष रूप से महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, और तमिलनाडु में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

गणेश चतुर्थी का महत्व:

  1. विघ्नहर्ता: भगवान गणेश को विघ्नहर्ता माना जाता है, जो सभी बाधाओं को दूर करते हैं और शुभ कार्यों की शुरुआत में उनकी पूजा की जाती है।
  2. बुद्धि और ज्ञान: गणेश जी को बुद्धि और ज्ञान के देवता के रूप में भी पूजा जाता है। उनकी पूजा से व्यक्ति को ज्ञान और विवेक की प्राप्ति होती है।
  3. समृद्धि और सौभाग्य: गणेश चतुर्थी के दौरान गणेश जी की पूजा करने से समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
  4. सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व: यह त्योहार समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देता है। लोग मिलकर गणेश जी की मूर्ति की स्थापना और विसर्जन करते हैं।

पूजा विधि:

गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना की जाती है और 10 दिनों तक उनकी पूजा की जाती है। पूजा के अंत में, मूर्ति का विसर्जन किसी जलाशय में किया जाता है।

महत्वपूर्ण समय:

  • चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 6 सितंबर 2024, दोपहर 3:01 बजे
  • चतुर्थी तिथि समाप्त: 7 सितंबर 2024, शाम 5:37 बजे
  • पूजा मुहूर्त: 7 सितंबर 2024, सुबह 11:03 बजे से दोपहर 1:34 बजे तक
  • गणेश विसर्जन: 17 सितंबर 2024

गणेश चतुर्थी की पूजा के लिए निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता होती है:

  1. गणेश जी की प्रतिमा (मिट्टी, स्वर्ण, रजत, पीतल, पारद)
  2. हल्दी, कुमकुम, अक्षत (बिना टूटे हुए चावल)
  3. सुपारी, सिन्दूर, गुलाल, अष्टगंध
  4. जनेऊ जोड़ा, वस्त्र, मौली
  5. लौंग, इलायची, पान, दूर्वा
  6. पंचमेवा, पंचामृत (गौदुग्ध, दही, शहद, गाय का घी, शकर)
  7. गुड़, मोदक, फल
  8. नर्मदा जल/गंगा जल, पुष्प, माला
  9. कलश, सर्वोषधि, आम के पत्ते, केले के पत्ते
  10. गुलाब जल, इत्र, धूप बत्ती, दीपक-बाती
  11. सिक्का, श्रीफल (नारियल)

पूजा विधि में सबसे पहले गणेश जी की प्रतिमा को चौकी पर स्थापित करें और फिर उपरोक्त सामग्री का उपयोग करते हुए विधिपूर्वक पूजा करें.

गणेश चतुर्थी के मोदक कैसे बनाएं?

गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है। यहाँ एक सरल और स्वादिष्ट मोदक बनाने की विधि दी गई है:

सामग्री:

  • 1 कप चावल का आटा
  • 1 कप पानी
  • 1 टेबलस्पून घी
  • 1/4 चम्मच नमक

भरावन के लिए:

  • 1 कप ताजा कसा हुआ नारियल
  • 1/2 कप गुड़ (कद्दूकस किया हुआ)
  • 1 टेबलस्पून घी
  • 1/4 चम्मच इलायची पाउडर
  • 1/4 कप कटे हुए मेवे (बादाम, काजू, पिस्ता)

विधि:

  1. भरावन तैयार करें:
    • एक कढ़ाई में 1 टेबलस्पून घी गरम करें।
    • इसमें कसा हुआ नारियल डालें और मध्यम आंच पर 2-3 मिनट भूनें।
    • फिर इसमें गुड़ डालें और अच्छी तरह से मिला लें। गुड़ पूरी तरह से पिघल जाना चाहिए।
    • अब इलायची पाउडर और कटे हुए मेवे डालें और एक मिनट तक पकाएं। इसे ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
  2. आटा तैयार करें:
    • एक बर्तन में 1 कप पानी और 1 टेबलस्पून घी गरम करें।
    • जब पानी उबलने लगे, तो इसमें चावल का आटा डालें और अच्छे से मिला लें।
    • मिश्रण को मध्यम आंच पर तब तक पकाएं जब तक वह घी छोड़ने लगे और आटा गाढ़ा हो जाए।
    • अब आटे को एक बर्तन में निकालें और ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद आटे को हाथ से अच्छी तरह गूंध लें।
  3. मोदक बनाएं:
    • आटे की छोटी-छोटी गोलियां बनाएं। इन गोलियों को हाथ से दबाकर बेल लें। बेलते समय बीच में हल्का सा गहरा करें।
    • इसमें भरावन भरकर आटे को चारों ओर से उठाकर मोदक का आकार दें। ध्यान रखें कि मोदक पूरी तरह बंद हो जाए ताकि भरावन बाहर न गिरे।
    • इसी तरह सभी मोदक तैयार करें।
  4. स्टीम करें:
    • तैयार मोदक को एक स्टीमर में रखकर 10-15 मिनट तक स्टीम करें।
    • फिर इसे ठंडा करके भगवान गणेश को भोग लगाएं।

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Siddhant Kumar

Siddhant Kumar is the founding member of Janvichar.in, a news and media platform. With an MBA degree and extensive experience in the tech industry, mission is to provide unbiased and accurate news, fostering awareness and transparency in society.

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