इटावा में यादव कथावाचक के साथ अभद्रता पर भड़के सपा प्रमुख अखिलेश, दे डाली ये चेतावनी
इटावा में यादव कथावाचक के साथ अभद्रता को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब भागवत कथा सब सुन सकते हैं तो बोल क्यों नही सकते।भागवत कथा तो भगवान कृष्ण से जुड़ी है। जब कृष्ण भक्तों को कथा करने से रोका जाएगा तो ये कैसे बर्दाश्त होगा?।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि कथा वाचन को कुछ लोगों ने व्यापार बना लिया है। ये लोग ये एलान कर दें कि पीडीए परिवार का चंदा नही लेंगे। क्या सरकार कानून लेकर आएगी कि पीडीए परिवार कथा नहीं कर सकेगा। अभी तक तो ये पीडीए परिवार के घर को गंगा जल से धुलवा रहे थे। पीडीए के मन्दिर जाने पर शुद्धिकरण करा रहे हैं। जिस दिन पीडीए परिवार ने अपनी कथा अलग से शुरु कर दी। उसी दिन इन वर्चस्व वालों का साम्रज्य ढह जाएगा। ये सरकार संविधान विरोधी, हार्टलेस है।

अखिलेश ने आरोप लगाया कि इस सरकार में बैठे लोग लगातार पीडीए परिवार को डरा धमका रहे हैं।इटावा में जिन कथावाचकों के साथ अभद्रता हुई, उन्हें लेकर अखिलेश यादव ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस की। इसके अलावा उन्होंने कथावाचकों से कथा भी सुना। उन्होंने कहा कि किसी को भी कथा कहने से नहीं रोका चाहिए। अगर रोका जाएगा तो कोई इस तरह का अपमान क्यों सहेगा।

बताते चले की इटावा जिले के दंदरपुर गांव में कथित तौर पर ऊंची जाति के लोगों के एक समूह ने एक धार्मिक उपदेशक और उसके सहयोगी का सिर मुंडवा दिया, क्योंकि उन्हें पता चला कि वे यादव जाति से हैं। पुलिस ने बताया कि सिर मुंडवाने की घटना रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात को हुई और आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। मुंडवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

इससे पहले एक्स हैंडल पर अखिलेश यादव ने कहा कि इटावा के बकेवर इलाके के दंदरपुर गांव में भागवत कथा के दौरान कथावाचक और उनके सहायकों की जाति पूछने पर पीडीए की एक जाति बताने पर, कुछ वर्चस्ववादी और प्रभुत्ववादी लोगों ने साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उनके बाल कटवाए, नाक रगड़वाई और इलाके की शुद्धि कराई। हमारा संविधान जातिगत भेदभाव की अनुमति नहीं देता है,
ये व्यक्ति की गरिमा और प्रतिष्ठा से जीवन जीने के मौलिक अधिकार के विरुध्द किया गया अपराध है। सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ़्तारी हो और यथोचित धाराओं में मुक़दमा दर्ज़ किया जाए। अगर आगामी 3 दिनों में कड़ी कार्रवाई नही हुई तो हम ‘पीडीए के मान-सम्मान की रक्षा’ के एक बड़े आंदोलन का आह्वान कर देंगे। पीडीए के मान से बढ़कर कुछ नहीं!
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