मशहूर समाजवादी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस की पत्नी लैला कबीर फर्नांडिस का निधन हो गया। लैला कबीर एक जहीन और स्वाभिमानी महिला थीं। उनके पिता हुमायूं कबीर नेहरू सरकार में शिक्षा मंत्री थे। लैला कई अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से भी जुड़ी रहीं। बिहार के मुजफ्फरपुर से सांसद रहे जॉर्ज फर्नांडिस का निधन जनवरी 2019 में हुआ था।
बिहार के मुजफ्फरपुर से सांसद रहे मशहूर समाजवादी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस की पत्नी लैला कबीर फर्नांडिस का निधन हो गया। वे सिर्फ जार्ज फर्नांडिस की पत्नी के तौर पर ही नहीं जानी जाती थीं, उनकी अपनी एक अलग पहचान थी। लैला के पिता हुमायूं कबीर पंडित जवाहर लाल नेहरू सरकार में शिक्षा मंत्री थे। लैला खुद भी कई अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से जुड़ी रहीं। उन्होंने अपने जीवन में कई महत्वपूर्ण काम किए। लैला कबीर एक समझदार और स्वाभिमानी महिला थीं। जब उनके और उनके पति के विचारों में मतभेद हुआ, तो उन्होंने गरिमा के साथ अलग रहने का फैसला किया। नेहरू कैबिनेट में शिक्षा मंत्री थे लैला के पिता
लैला कबीर के पिता हुमायूं कबीर भारत के पूर्व शिक्षा मंत्री थे। वे पंडित नेहरू के मंत्रिमंडल में थे। उनकी मां शांति देवी ने कई स्वयंसेवी संस्थाओं की स्थापना की थीं। लैला के चचेरे भाई भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर थे। जार्ज फर्नांडिस का निधन जनवरी 2019 में हुआ था। लैला कबीर की शख्सियत सबसे अलग थी। रेडक्रॉस जैसी संस्थाओं से जुड़ी थीं।
• एयरपोर्ट पर हुई थी लैला-जॉर्ज की मुलाकात
पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस की पत्नी लैला कबीर लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थीं। जॉर्ज फर्नांडिस और लैला कबीर ने 22 जुलाई 1971 को शादी की थी। उनका एक बेटा है, शीन फर्नांडिस (शांतनु), जो अमरीका में रहता है। जॉर्ज फर्नांडिस देश के बड़े नेता थे। उनकी शादी की कहानी भी दिलचस्प है। कहा जाता है कि जॉर्ज फर्नांडिस कोलकाता से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे। तभी उन्हें एक लड़की दिखी। वो लड़की जानी-पहचानी लग रही थी। वो रेडक्रॉस में काम करती थीं। वो युद्ध क्षेत्र में काम करने के बाद दिल्ली लौट रही थीं। जॉर्ज फर्नांडिस तुरंत उनके पास गए। उन्होंने ‘हाय’ और ‘हेलो’ कहा। दोनों ने एक-दूसरे को पहचाना। पहली मुलाकात के तीन महीने बाद ही शादी
एयरपोर्ट पर बात हुई। फिर फ्लाइट में उन्हें बगल की सीट मिल गई। जॉर्ज को पता चला कि लड़की का नाम लैला कबीर है। वो रेडक्रॉस में असिस्टेंट डायरेक्टर है। लैला, नेहरू सरकार में शिक्षा राज्य मंत्री हुमायूं कबीर की बेटी थीं। खबरों के अनुसार, जब विमान दिल्ली में उतरा, तो जॉर्ज ने लैला को घर छोड़ने की बात कही लेकिन लैला ने मना कर दिया। फिर धीरे-धीरे दोनों मिलने लगे। पहली मुलाकात के तीन महीने बाद ही 22 जुलाई 1971 को जॉर्ज फर्नांडिस और लैला कबीर ने शादी कर ली। लैला से मिलने के समय जॉर्ज फर्नांडिस सांसद थे। उन्होंने 1967 में मुंबई लोकसभा सीट से कांग्रेस के बड़े नेता एसके पाटिल को हराया था। जॉर्ज साहब के साथ बिहार आती थीं लैला कबीर
जॉर्ज फर्नांडिस का बिहार से गहरा नाता था। उन्होंने मुजफ्फरपुर से आपातकाल के बाद जेल से चुनाव जीता था। इसके बाद वे मुजफ्फरपुर और नालंदा से कई बार लोकसभा का चुनाव जीते। उन्होंने बिहार में लालू यादव और राबड़ी देवी की सरकार के खिलाफ आंदोलन किया। नीतीश कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने में उनकी बड़ी भूमिका थी। जॉर्ज साहब के साथ लैला कबीर भी बिहार आती रहीं। जॉर्ज फर्नांडिस एक बड़े नेता थे। उन्होंने देश के लिए बहुत काम किया। उनकी पत्नी लैला कबीर भी समाज सेवा में आगे रहीं। दोनों ने मिलकर लोगों की मदद की। अब लैला कबीर हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी यादें हमेशा साथ रहेंगी।
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