कर्नाटक के बेलगावी में एक बस कंडक्टर पर कथित हमले के विरोध में कई कन्नड़ समर्थक समूहों ने आज को कर्नाटक बंद का आह्वान किया है।
कर्नाटक में आज बंद का आह्वान किया है ये बंद सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। हालांकि इस बंद का कर्नाटक सरकार समर्थन नहीं कर रही है। कर्नाटक डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने गुरुवार को कहा था कि सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार बंद का समर्थन नहीं करेगी। उन्होंने कहा, ‘हम उन्हें (संगठनों को) समझाएंगे कि यह सही कदम नहीं है क्योंकि इसका असर उन छात्रों पर पड़ेगा जिनकी परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। कर्नाटक बंद के आह्वान के बाद बेलगावी और राज्य के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती उम्मीद है। यात्रियों, कारोबारियों और छात्रों को चेतावनी दी गई है कि बंद से उनकी सामान्य दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। बता दें, कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) के कंडक्टर पर मराठी न बोलने के कारण कथित तौर पर हमला किया गया, जिससे बाद दोनों भाषा को लेकर विवाद बढ़ गया और दोनों राज्यों के बीच बस सेवा भी बंद कर दी गई।
*क्या है पूरा विवाद:*
पिछले महीने बेलगावी से बालेकुंडरी तक चलने वाली KSRTC की एक बस के कंडक्टर पर मराठी समर्थक संगठनों से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर कन्नड़ बोलने की वजह से हमला किया था। इस घटना के बाद बवाल इतना बढ़ गया कि महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच बस सेवाएं स्थगित कर दी गईं। कंडक्टर पर हमले ने दोनों राज्यों के बीच भाषा विवाद के लंबे इतिहास पर फिर से बहस छेड़ दी। दरअसल, बेलगावी में मराठी भाषा बोलने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है और देश की आजादी के बाद महाराष्ट्र ने बेलगावी पर दावा किया था, लेकिन उसे कर्नाटक में शामिल किया गया था। तब से दोनों राज्यों की सीमा पर भाषाई संघर्ष एक मुद्दा रहा है।
*मराठी समर्थक संगठनों पर प्रतिबंध की मांग:*
कई कन्नड़ संगठनों के गठबंधन कन्नड़ ओक्कुटा ने इस बंद का आयोजन किया है, जिसमें क्षेत्र में हिंसा भड़काने और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए मराठी समर्थक संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इतना ही नहीं कन्नड़ ओक्कुटा की मांग है कि मराठी समर्थक संगठनों पर प्रतिबंध लगाया जाए।


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