*बसपा ने मुख्यमंत्री की यात्रा को बताया “दुर्गति यात्रा”, कहा – चुनाव से पहले जनता को आये थे बरगलाने*
*कैमूर में नीतीश कुमार की ‘प्रगति यात्रा’ पर बसपा नेता अनिल कुमार का हमला, बताया ‘दुर्गति यात्रा’*
कैमूर (बिहार): बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बिहार प्रदेश प्रभारी अनिल कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘प्रगति यात्रा’ पर तीखा हमला बोलते हुए इसे ‘दुर्गति यात्रा’ करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि कैमूर को अब तक ढंग का कोई शैक्षणिक संस्थान नहीं मिला है. यह क्षेत्र शिक्षा के मामले में अभी भी पिछड़ा हुआ है. धान का कटोरा कहे जाने वाले कैमूर व रोहतास के किसान बदहाल हैं. अस्पताल भगवान भरोसे हैं, और रोजगार के नाम पर सिर्फ खोखले वादे किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री जी ने जो कैमूर में 345 करोड़ की लागत से कुल 169 योजनाओं की घोषणा की है, उसमें यहाँ के किसान को क्यों वंचित रखा है? अगर जलाशयों का जीर्णोद्धार किया जाता तो इसका लाभ किसानों को मिलता और वे खेती आसानी से कर लेते. ऐसे में मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि इस स्थिति के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है?
अनिल कुमार ने कहा कि प्रगति यात्रा के नाम पर सिर्फ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ संवाद के लिए राजकीय कोष खाली करना कहीं से सही नहीं, क्यों कि मुख्यमंत्री अपने प्रगति यात्रा के दौरान ना जनता से मिलते हैं और ना जनता की सुनते हैं. इस यात्रा के दौरान उन तक सिर्फ विभागीय पदाधिकारी और स्थानीय नेता ही पहुँच पाते हैं. तो फिर ये कैसी प्रगति यात्रा और किसके लिए यात्रा है, यह समझ से परे है. कैमूर, रोहतास समेत बिहार की जनता जानना चाहती है कि आखिर कौन सी साजिश हो रही कि, प्रगति यात्रा से आम जनों को दूर रखा जा रहा है ?
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जनता को धोखा देने आए थे और उन्हें लोगों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है. कैमूर की बदहाली इसका उदाहरण है. मुख्यमंत्री को अपनी असफलताओं पर आत्ममंथन करना चाहिए. कैमूर जैसे जिले में आधारभूत सुविधाओं की बदहाली इस बात का प्रमाण है कि सरकार ने इसे पूरी तरह से उपेक्षित कर दिया है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को कैमूर की जनता को जवाब देना चाहिए कि क्यों अब तक यहां उच्च शिक्षा, तकनीकी विकास, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पाया है.
अनिल कुमार ने कहा कि प्रगति यात्रा से जनता का दूराव इस कदर है कि आम जनता इसे या तो वीआईपी गतिविधि समझ कर दूर रह रहे हैं या विरोध कर रहे हैं. गया, भोजपुर, समस्तीपुर समेत कई जगहों पर आम जनता ने इस यात्रा का विरोध दर्ज कराया. आखिर कराए भी क्यों नहीं, जब सरकारी घोषणाओं से जनता लाभान्वित नहीं हो रही और विकास कार्यों का ठोस परिणाम नजर नहीं आ रहा है, तो विरोध तो लाजमी है. बसपा नेता ने जनता से अपील की कि वे झूठे वादों और खोखली घोषणाओं के बहकावे में न आएं और अपने हक के लिए जागरूक बनें।
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