भभुआ- फाइलेरिया के उन्मूलन को लेकर सोमवार को मोहनियां अनुमंडल अस्पताल से एमडीए अभियान की शुरुआत की गई। कैमूर जिलाधिकारी सावन कुमार ने दीप प्रज्वलित कर खुद फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर एवं बच्चों को दवा खिला कर सर्व जन दवा सेवन अभियान का शुभारंभ किया।
दवा खाकर जिला पदाधिकारी ने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि हाथीपांव एक गंभीर बीमारी है और इससे निपटने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी को लेकर प्रत्येक वर्ष (एमडीए) सर्वजन दवा सेवन अभियान चलाया जाता है जिसके माध्यम से लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जाती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह दवा पूरी तरह से कारगर है। इसे खाने से कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है इसलिए दवा को लेकर मन में बैठे भ्रम को दूर करते हुए दवा का सेवन करें और गंभीर बीमारी से खुद के साथ-साथ अपने परिवार के सभी सदस्यों का बचाव करें। अभियान के उद्घाटन के दौरान वहां मौजूद सिविल सर्जन ने भी दवा का सेवन कर लोगों को सकारात्मक संदेश दिया।
दवा पूरी तरह से सुरक्षित
कार्यक्रम में मौजूद सिविल सर्जन डॉ चंदेश्वरी रजक ने बताया की फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर प्रत्येक वर्ष सर्वजन दवा सेवन अभियान चलाया जाता है, जिसके तहत लोगों को एल्बेंडाजोल और डीईसी की खुराक खिलाई जाती है। उन्होंने बताया कि 2 वर्ष के ऊपर सभी लोगों को यह दवा खिलाई जाएगी। सिविल सर्जन ने बताया कि 10 फरवरी से 23 फरवरी तक आशाकर्मी घर घर जाकर लोगों को दवा सेवन करवाएंगी।
उसके बाद तीन तीन दिनों तक जिला के सभी प्रखंडों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, स्कूलों आंगनबाड़ी केंद्र के अलावा अन्य सरकारी कार्यालय में बूथ लगाकर दवा सेवन कराई जाएगी। उन्होंने बताया की यह दवा पूरी तरह से सुरक्षित है इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है।
16.46 लाख घरों को किया गया है लक्षित
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ सत्य स्वरुप ने बताया की कैमूर जिले में अभियान के दौरान दवा खिलाने के लिए 16 लाख 46 हजार 622 घरों को चिन्हित किया गया है जिसमें करीब 15 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। डॉ स्वरुप ने बताया की 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चो के अलावा गर्भवती महिलाओं एवं अति गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को यह दवा नही खिलाई जायेगी।
साथी उन्होंने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में स्कूल 4000 के आसपास कर्मी लगाए गए हैं। जिसमें 475 टीम बनाई गई है। हाउस टू हाउस दवा खिलाने के लिए 1359 आशा कर्मी, आंगनबाड़ी सेविका एवं 133 वॉलिंटियर लगाए गए हैं। इस मौके पर डीपीएम ऋषिकेश जायसवाल, डीसीएम पीयूष उपाध्याय, मोहनियां अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर विजय कुमार सिंह, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी उत्तम कुमार, बीसीएम नागेश मिश्रा, एच एम विशाल कुमार पासवान, सुपरवाइजर सरोज कुंवर, आशा फूल कुमारी के अलावा पिरामल स्वास्थ्य के सुहैल अहमद,, अमलेश कुमार, राकेश राय, दीपक पाण्डेय, डब्ल्यू एच ओ के मोहम्मद सजाद अली, भानु प्रताप सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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