Bihar Politics: पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा कि अगर सीएम नीतीश कुमार के बेटे राजनीति में आते हैं तो वे उनका स्वागत करेंगे. देश के सभी नागरिकों को अपनी बात रखने और राजनीति में आने का अधिकार है।
पूर्व मुख्यमंत्री व हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा(HAM) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने रविवार को जहानाबाद के घोसी में 20 सीटों वाली मांग को फिर दोहराया. इसको लेकर एनडीए में सियासी हलचल तेज होती दिख रही है. इसी बीच एबीपी न्यूज़ से सोमवार (03 फरवरी) को बातचीत के दौरान मांझी ने एनडीए में सीट बंटवारे पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि गठबंधन में पांच दल हैं, जिनमें से 2 बड़े दल अधिक सीटें ले लेते हैं. अन्य को उचित हिस्सेदारी नहीं मिलती. अगर पांच भाइयों के बीच रोटियों का बंटवारा हो रहा है और तीन रोटियां पहले ही बंट गईं, तो हमें भी उचित हिस्सा मिलना चाहिए.
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने दावा किया कि उनकी पार्टी 30, 35 या 40 सीटें जीतने की स्थिति में है. हालांकि उनकी प्राथमिकता कम से कम 20 सीटें जीतकर विधानसभा में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना है।
* निशांत की राजनीति में एंट्री की अटकलों पर भी बोले मांझी
सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीति में आने की अटकलों पर भी मांझी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपनी बात रखने और राजनीति में आने का अधिकार है. अगर निशांत राजनीति में आते हैं तो इसमें गलत क्या है? वह बालिग हैं और बीते 18 साल से अपने पिता के साथ राजनीति को नजदीक से देख रहे हैं. उन्होंने गिल्ली-डंडा नहीं खेला, बल्कि राजनीति सीखी है. अगर वे आते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे।
* बजट के बाद लिट्टी-चोखा और चर्चा क्यों?
केंद्रीय बजट के बाद आयोजित लिट्टी-चोखा कार्यक्रम को लेकर भी मांझी से सवाल किया गया. इस पर उन्होंने कहा कि दो फरवरी को लिट्टी-चोखा पर चर्चा का आयोजन किया गया ताकि बजट की उपलब्धियों पर बात हो सके और परंपरा भी निभाई जा सके. मांझी ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस आयोजन के लिए समय दिया. बजट की सराहना करते हुए कहा कि 25-26 के बजट में बिहार को बहुत कुछ मिला है. इससे राज्य का विकास होगा और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा.
* महाकुंभ यात्रा पर मांझी क्या बोले?
अपनी महाकुंभ यात्रा को लेकर मांझी ने बताया कि वे पहले 29 जनवरी को जाने वाले थे, लेकिन किसी कारणवश यात्रा रद्द करनी पड़ी. प्रयागराज में हाल ही में हुए हादसे पर उन्होंने संवेदना व्यक्त की. कहा कि अब वे 13 फरवरी को संसद सत्र खत्म होने के बाद सपरिवार महाकुंभ जाएंगे.
* जातीय सर्वे पर नीतीश कुमार की सराहना
जातीय सर्वे के मुद्दे पर मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना की. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में जातीय सर्वे करवा दिया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में इसे कराने से इनकार कर दिया था. बिहार में सबसे पहले जातीय सर्वे हुआ जिससे सबकी आंखें खुल गईं।
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