जैसे-जैसे भारत तकनीकी रूप से आज हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर होता जा रहा है वैसे-वैसे उसका विकसित देश होने का सपना भी पूर्ण होता जा रहा है।
एक विकसित राष्ट्र के सफल होने में सबसे बड़ा रोल वहां के इकोनॉमिकल सिस्टम और इन्फ्रास्ट्रक्चर को जाता है जिसमें बिजली पानी सड़क आदि शामिल हैं।
वर्तमान समय में जिस तरह बिहार में बिजली पर निर्भरता बढ़ी है और साथ ही साथ लगभग बिहार के हर जिले में बिजली उपभोक्ताओं के घरों में प्रीपेड मीटर का कनेक्शन लगा है, तब से आम उपभोक्ता काफी चिंतित रहने लगा है क्योंकि बिजली बिल में बेतहाशा वृद्धि होने की वजह से कंज्यूमर यह समझ ही नहीं पाते कि वह बिजली बिलों में हुई बेतहाशा वृद्धि पर कैसे अंकुश लगाए।
लगभग हर क्षेत्र से प्रीपेड मीटर में जल्दी-जल्दी रिचार्ज खत्म होने की शिकायतें भरी पड़ी है लेकिन बिजली उत्पादकों के कानों पर जुं नहीं रह रही इसके निवारण के लिए केंद्र सरकार ने जब सोलर एनर्जी पर जोर देना शुरू किया तो आम लोगों को लगा कि यह सिस्टम उनके खून पसीने की गाढ़ी कमाई की बचत करेगा लेकिन सोलर सिस्टम इंस्टॉल करने में इतना ज्यादा खर्च आता है की आम आदमी अपनी नियति मानकर इससे दूरी बनाने लगा, तब हरित ग्रुप और कंपनीज के अध्यक्ष प्रतीक सिंह ने आम आदमी खासकर यूपी बिहार के मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक आइडिया निकला जिसमें गरीब से गरीब परिवार के लोग ढाई सौ या 400 रुपए प्रतिमाह चुका कर अपने सोलर ऊर्जा की किस्ते चुका सकते हैं। साथ ही उन्हें इसके 10 गुना ज्यादा बिजली बिल भी पे नहीं करना पड़ता।
खुद कंपनी के अध्यक्ष प्रतीक सिंह इसके बारे में बताते हैं कि जब वह एक बार यूपी के देवरिया व बिहार के चंपारण जिलों का दौरा कर रहे थे तब कई मध्यम वर्गीय निम्न वर्गीय परिवारों के अभिभावकों ने उनसे गुहार लगाई थी कि सोलर एनर्जी हमारे लिए अच्छा तो है लेकिन काफी महंगा होने की वजह से हमारी पहुंच से काफी दूर है इस वजह से हम अपने भाग्य को कोसते हुए मन मसोस कर प्रीपेड मीटर वाली महंगी बिजली का उपयोग करने को मजबूर हैं।
और अपनी गाढी कमाई लूटा रहे हैं इसके बाद प्रतीक सिंह ने एक्सपर्ट्स की मीटिंग के बाद यह डिस्कस किया कि चाहे जो भी हो हर गरीब के घर में सोलर एनर्जी पहुंचानी है और उन्हें महंगी बिजली के भार से मुक्त करना है आज उनका यह सपना बिहार झारखंड उड़ीसा कर्नाटक उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के दूर दराज के ग्रामीण इलाकों में काफी फल फूल रहा है
लोगों ने बताया कि उनकी बिजली पर निर्भरता लगभग खत्म हो गई है और साथ ही साथ सरकार विद्युत उत्पादन से एक्स्ट्रा एनर्जी मैन्युफैक्चर करने की वजह से उन्हें उल्टे पैसे भी दे रही है उन्होंने सोलर एनर्जी के नाम पर अमीरों के घरों की शोभा बढ़ा रहे सोलर किट्स प्रोवाइड करने वाली कंपनियों के मुंह पर भी जोरदार तमाचा लगाया है कि यदि बेहतरीन जज्बा हो और लोगों की मदद करने का हौसला हो तो आपको आपकी मंजिल पानी से कोई नहीं रोक सकता।
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