बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के आयोजन को लेकर हाल के वर्षों में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। हालांकि यह त्योहार आधिकारिक रूप से प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन कई घटनाओं और दबावों के कारण हिंदू समुदाय के लिए इसे स्वतंत्र रूप से मनाना मुश्किल हो गया है। आइए इस स्थिति को विस्तार से समझते हैं:
दुर्गा पूजा बांग्लादेश में हिंदू समुदाय द्वारा बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। इसमें विस्तृत अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और देवी दुर्गा की सुंदर मूर्तियों की स्थापना शामिल होती है।
चुनौतियाँ
- कट्टरपंथी समूहों का विरोध:
- कारण: बांग्लादेश में कट्टरपंथी इस्लामी समूह हिंदू त्योहारों, विशेष रूप से दुर्गा पूजा के खिलाफ मुखर हो गए हैं। वे इन उत्सवों को अपने धार्मिक विश्वासों के विपरीत मानते हैं और प्रतिबंध लगाने की मांग करते हैं।
- प्रभाव: इस विरोध के कारण धमकियाँ, तोड़फोड़ और यहां तक कि हिंदू समुदाय और उनके पूजा स्थलों पर हिंसा भी हुई है।
- सुरक्षा चिंताएँ:
- कारण: कट्टरपंथी समूहों से धमकियों के कारण प्रतिभागियों और स्थलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है।
- उपाय: सरकार ने पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों, पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) इकाइयों को तैनात किया है। हालांकि, हमलों का डर अभी भी बना हुआ है।
- समुदाय की प्रतिक्रिया:
- अनुकूलन: हिंदू समुदाय ने इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपनी तैयारियों को जारी रखा है। उन्हें अपने कुछ उत्सवों को सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
- समर्थन: सामुदायिक नेता स्थानीय अधिकारियों के साथ निरंतर संवाद में हैं ताकि त्योहार का सुरक्षित और सुचारू रूप से आयोजन हो सके।
- सरकार और जनता की प्रतिक्रिया:
- सरकार का रुख: बांग्लादेश सरकार ने कट्टरपंथी समूहों की कार्रवाइयों की निंदा की है और हिंदू समुदाय को अपना समर्थन देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने उत्सवों को बाधित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का वादा किया है।
- जनता की एकजुटता: कई सार्वजनिक हस्तियों और कार्यकर्ताओं ने हिंदू समुदाय के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है, और एकता और सहिष्णुता की अपील की है।
विशिष्ट घटनाएँ
- तोड़फोड़: देश के विभिन्न हिस्सों में दुर्गा मूर्तियों को तोड़फोड़ करने की कई घटनाएँ सामने आई हैं। ये अपवित्रता के कार्य समुदाय को डराने और उत्सवों को बाधित करने के उद्देश्य से किए जाते हैं।
- जबरन वसूली: कुछ क्षेत्रों में, स्थानीय गिरोहों ने दुर्गा पूजा के आयोजकों से पैसे की मांग की है, और उनकी मांगें पूरी न होने पर उत्सवों को बाधित करने की धमकी दी है।
निष्कर्ष
हालांकि बांग्लादेश में दुर्गा पूजा आधिकारिक रूप से प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन कट्टरपंथी समूहों के विरोध और सुरक्षा चिंताओं के कारण त्योहार को मनाने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। हिंदू समुदाय की दृढ़ता और सरकार और व्यापक जनता का समर्थन यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है कि ये उत्सव सुरक्षित रूप से जारी रह सकें।
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