पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिसके बाद कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। डॉग स्क्वॉड की टीम बुलाई गई है। एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड को भी बुलाया गया है।
पटना सिविल कोर्ट के तीनों गेट पर सुरक्षाकर्मी मुस्तैद हैं।
अंदर पूरी चौकसी बढ़ा दी गई। यह धमकी उस वक्त आई है, जब पूरा सिविल कोर्ट लोगों, वकीलों और जजों से भरा है।
पुलिस की विशेष टीम कोर्ट पहुंची है। टाउन डीएसपी दीक्षा ने बताया कि ‘मामले की जांच हो रही है। ई-मेल के जरिए धमकी दी गई है। पड़ताल हो रही है।’
हर आने-जाने वाले शख्स की जांच पड़ताल हो रही है। कोर्ट के वकीलों की भी बारीकी से पड़ताल हो रही है। पीरबहोर थाना क्षेत्र में पटना सिविल कोर्ट आता है।
पहलगाम हमले के बाद मिली इस तरह की धमकी को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। मेटल डिटेक्टर से भी हर किसी की जांच हो रही है।
* जनवरी में हाईकोर्ट को उड़ाने की मिली थी धमकी
इससे पहले 5 जनवरी को 2024 को पटना हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ये धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई थी।
इसके बाद एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड को भी बुलाया गया था। टीम ने स्निफर डॉग्स की मदद से हाईकोर्ट कैंपस की जांच की थी। हालांकि, कोर्ट परिसर में संदिग्ध वस्तु नहीं मिला था।
धमकी मिलने के बाद एटीएस शाम 4 बजे कोर्ट के अंदर गई थी और 2 घंटे सर्च किया था। सर्च टीम जांच करने के बाद रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी थी। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुआ आतंकी हमला
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमले में 27 पर्यटक मारे गए। घटना बैसरन घाटी की है। यह पहलगाम शहर से 6 किलोमीटर दूर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकियों ने हनीमून मनाने गए यूपी के शुभम से नाम पूछा, फिर गोली मार दी। यह देखकर युवक की पत्नी बेसुध हो गई। जबकि आतंकी फायरिंग करते हुए भाग निकले। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के विंग द रजिस्टेंस फ्रंट यानी TRF ने ली है।
इस हमले में बिहार के रहने वाले IB अफसर मनीष रंजन की भी मौत हो गई। वो सासाराम के रहने वाले थे और हैदराबाद में पोस्टेड थे। मनीष रंजन अपनी पत्नी और 2 बच्चों के साथ कश्मीर घूमने गए थे। आतंकियों ने पत्नी और बच्चों के सामने मनीष को गोली मार दी।
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