बुधवार को मोहनिया स्टुवरगंज मुख्य बाजार के सभी स्वर्ण व्यवसाईयों ने प्रशासन के मनमाने रवैया के खिलाफ अपनी अपनी दुकानें बंद रखी।

दुकानदारों का कहना था कि तीन-चार दिन पहले शहर के दो मुख्य स्वर्ण दुकानदारों के पास कुछ लोग अपने पुराने गहने की बिक्री करने हेतु आए थे,जिसके बाद वह पैसे लेकर चले गए जब तीन से चार दिनों के बाद पुलिस प्रशासन ने उनके दुकान पर पहुंच कर यह बताया कि उक्त माल चोरी का है तो दुकानदारों ने वह सामान ज्यों का त्यों प्रशासन के सुपुर्द कर दिया,

जिसके बाद भी पुलिस वाले दोनों दुकानदारों को अपने साथ लेकर चले गये। बाद में पता चला कि उन्हें वहां से रामगढ़ थाना फिर रामगढ़ थाने से भभुआ थाने के हाजत में बंद किया गया है देर रात उन्हें वहां से छोड़ा गया इसी वजह से स्थानीय दुकानदारों में आक्रोश पनप गया,दुकानदारों का कहना था कि जब यहां के स्वर्ण व्यवसायी प्रशासन को पूरा सपोर्ट कर रहे हैं एवं उन्हें सकुशल चोरी किए माल की बरामदगी कर दे रहे हैं तो फिर उन्हें अपने साथ ले जाने की क्या आवश्यकता पड़ी यदि इसके लिए कोई गाइडलाइन है तो प्रशासन उन्हें समय-समय पर अवेयर क्यों नहीं करता है।

अचानक में पुलिस प्रशासन के किसी भी दुकान पर पहुंच जाने से दुकानदार की छवि भी धूमिल होती है और उसका बना-बनाया कारोबार चौपट होने की कगार पर पहुंच जाता है। गांव देहात के कस्टमर भी ऐसे किसी लफड़े में नहीं पड़ना चाहते और वो उस दुकान से किनारा कर लेते हैं जिससे दुकानदार की रोजी-रोटी पर आफत हो जाती है,यदि ऐसी कोई गाइडलाइन है तो प्रशासन को समय-समय पर स्थानीय दुकानदारों को विश्वास में लेकर एक गाइडलाइन बनानी चाहिए या आपस में समन्वय स्थापित कर उन्हें समय पर जागरूक करना चाहिए जिससे दुकानदारों में भी असामाजिक तत्वों के प्रति भय का माहौल न रहे व ऐसी किसी स्थिति में निपटने में वो ऐसी किसी स्थिति से निपटने में स्थानिय प्रशासन को पुरा सहयोग कर सके।
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