आरजेडी नेता तेजस्वी यादव सरकारी नौकरी, युवाओं को रोजगार और महिलाओं के लिए सहूलियत के मुद्दे पर पिछले पांच साल से बिहार की राजनीति में अपनी ताकत दिखाते रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले नीतीश सरकार ने मौजूदा सरकार के अपने अंतिम बजट भाषण में इस तरह से घोषणाएं की हैं जिससे तेजस्वी यादव के सारे मुद्दें कुंद होते नजर आ रहे हैं।
नीतीश नीत सरकार का एक दांव और प्रतिपक्ष खा गई पटकनी। जी हां! जिस तरह से युवाओं पर लगातार बाजी नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव खेल रहे थे और युवाओं के पलायन को बार-बार मुद्दा बना रहे थे, उन्हें सोमवार को पेश हुए बजट से जोरदार झटका लगा है। नीतीश नीत सरकार ने युवाओं पर बजट की विशेष राशि खर्च करने का प्लान बनाया तो साथ ही साथ रोजगार का भी अवसर निकाल कर नेता प्रतिपक्ष को करारा जवाब भी दिया। जानते हैं नीतीश कुमार की उस रणनीति को जिसने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के हमले की धार को कुंद कर डाला।
* 1.40 लाख युवाओं को मिलेगा नौकरी
नीतीश सरकार ने बिहार विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश कर युवाओं के चेहरे पर खुशी ला दी है। दरअसल, इस सरकार ने आगामी विधान सभा चुनाव को ध्यान में रखकर युवाओं और महिलाओं पर विशेष रूप से फोकस किया है। इस मकसद से युवाओं को लुभाने के लिए इस नए वित्तीय वर्ष यानी 2025-26 में 1.40 लाख पदों पर नियुक्ति करने की घोषणा कर डाली है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 427866 नियुक्तियां कर भी तेजस्वी के हमले का जवाब तैयार किया गया था।
* श्रम विभाग भी मेहरबान
इसके पहले श्रम विभाग भी युवाओं को लुभाने के लिए 20 लाख से अधिक युवाओं को बाजार की मांग के अनुसार प्रशिक्षण देने जा रही है। इसके लिए राज्य में आठ हजार नए ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। नीतीश नीत सरकार का मानना यह है कि इस प्रशिक्षण से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी युवा रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए युवाओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा।
* बजट के पहले भी नौकरियां
गत वित्तीय वर्ष को ही देखें तो राज्य में शिक्षकों, प्रिंसिपल, इंजीनियर की लगातार भर्ती हो रही है। अब तक 12 लाख नौकरी की घोषणा के तहत अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। इसके अलावा विभिन्न विभागों के नवनियुक्त 6,341 जूनियर इंजीनियर (सहित 6,837 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया। कुछ ही दिन पहले बिहार स्वास्थ्य विभाग ने 11000 से भी ज्यादा पदों पर बंपर भर्ती की नियुक्ति हेतु आमंत्रण दिया है। इसमें काफी सारे पोस्ट शामिल होंगे और उन पोस्ट में अलग-अलग पदों की संख्या भी शामिल रहेगी। बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए अब सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर वैकेंसी निकालने का ऐलान भी किया है। राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से राज्य में 7341 पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन पदों पर मार्च 2025 तक नियुक्त कर लिए जायेंगे। साथ ही बहाली में 4500 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी और 2619 आयुष चिकित्सक के साथ ही 220 नेत्र सहायक के पद पर भी बहाल होंगे।
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