बक्सर यात्रा के दौरान जब तेजस्वी यादव से दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव में INDIA गठबंधन में हुए बिखराव, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के अलग-अलग चुनाव लड़ने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ कह दिया कि इस गठबंधन का गठन सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए ही हुआ था. उन्होंने कहा कि ‘यह तो पहले से तय था कि INDIA ब्लॉक सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए है’।
बिहार में इसी साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन इससे पहले बुधवार को आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने जो बयान दिया है, उससे महागठबंधन में हलचल मच गई है. तेजस्वी यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि लोकसभा चुनाव के दौरान जिस INDIA गठबंधन का गठन हुआ था, वह आज के दिन में समाप्त हो चुका है।
दरअसल, बुधवार को बक्सर यात्रा के दौरान जब तेजस्वी यादव से दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव में INDIA गठबंधन में हुए बिखराव, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के अलग-अलग चुनाव लड़ने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ कह दिया कि इस गठबंधन का गठन सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए ही हुआ था. उन्होंने कहा कि ‘यह तो पहले से तय था कि INDIA ब्लॉक सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए है’। तेजस्वी यादव ने भले ही INDIA ब्लॉक के खत्म होने को लेकर दिल्ली के संदर्भ में बयान दिया, लेकिन इसे लेकर अब बिहार की राजनीति गरमा गई है, खासकर महागठबंधन में।
तेजस्वी यादव के बयान को लेकर बिहार में अब इसके स्पष्ट मायने निकाले जा रहे हैं कि क्या बिहार में कांग्रेस और आरजेडी का गठबंधन भी विधानसभा चुनाव से पहले समाप्त हो गया है ?
बता दें कि 2020 में भी पूर्व की तरह कांग्रेस और आरजेडी ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था और उस चुनाव में राजद ने कांग्रेस को चुनाव लड़ने के लिए 70 सीट दी थीं, लेकिन कांग्रेस को सिर्फ 19 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का खराब प्रदर्शन एक मुख्य कारण था, जिसकी वजह से उस समय बिहार में महागठबंधन की सरकार सिर्फ 8-10 सीट की कमी के चलते बनते-बनते रह गई थी। कांग्रेस के पुराने खराब प्रदर्शन को देखकर कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में आरजेडी ने अपना मन बना लिया है कि कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ना है और इसीलिए तेजस्वी ने बयान दिया है कि INDIA गठबंधन का अस्तित्व आज के दिन नहीं है और इसका अस्तित्व केवल लोकसभा चुनाव तक ही था।
News Source – aajtk.
![]()
Discover more from जन विचार
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



