पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 92 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

सरल और विनम्र स्वभाव वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने दिल्ली के एम्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। गुरुवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के चलते उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां बाद में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आइए जानते हैं मनमोहन सिंह के जीवन से जुड़ी खास बातें।

मनमोहन सिंह साल 2004 से 2014 तक दो बार भारत के प्रधानमंत्री रहे। इससे पहले उन्होंने पी वी नरसिंह राव के प्रधानमंत्री रहते हुए वित्त मंत्री के रुप में कार्यभार भी संभाला था। इस दौरान उन्हें अपने द्वारा किए गए आर्थिक सुधारों के लिए जाना गया। क्योंकि जब देश 90 के दशक में आर्थिक संकट से गुजर रहा था, तो उन्होंने उदारीकरण की नीति को शुरू किया और विदेशी निवेश को बढ़ाया।             आज भारत परमाणु संपन्न देश है, जिसका लोहा देश-दुनिया मानती है। इसका श्रेय भी डॉ मनमोहन सिंह को जाता है। उन्होंने भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को संपन्न कराया। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हुआ।                     अपने पहले कार्यकाल के दैरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत में कृषि ऋण माफी योजना की शुरुआत की। साल 2008 में शुरू की गई इस योजना का मकसद किसानों को उनके बकाया कर्ज से राहत देना और उनकी वित्तीय स्थिति को सुधारना। इसके बाद कर्ज माफी आज भी चुनावों में बड़ा मुद्दा बनता आया है।              ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रोजगार मुहैया कराने से जुड़ी योजना की शुरुआत भी मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शुरू हुई। इसे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा नाम दिया गया। इस योजना के तहत गांव में रहने वाले महिला-पुरुष को साल में तीन महीना रोजगार देने की व्यवस्था की गई है।            आज देश डिजिटल इंडिया की तरफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसका श्रेय भी मनमोहन सिंह को जाता है। साल 2006 में देश में डिजिटल इंडिया की नींव रखी थी। इससे सोशल मीडिया और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ और आईटी क्रांति की बदौलत देश में डिजिटल युग आया।     अंतरिक्ष की दुनिया में आज भारत हर दिन एक नई कहानी लिख रहा है। प्रधानमंत्री रहते हुए मनमोहन सिंह के कार्यकाल में मंगलयान मिशन भेजा गया था। इस मिशन के जरिए मंगल की कक्षा में पहले ही प्रयास में सफलतापूर्वक पहुंचने वाला पहला देश भारत बन गया था। एक उपलब्धी यह भी थी कि यह मिशन दुनिया का सबसे सस्ता मंगल मिशन था, जिसकी कुल लागत मात्र 450 करोड़ रुपये थी।     चूंकि मनमोहन सिंह एक अर्थशास्त्री भी थे। इसलिए उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने के लिए भी कई योगदान दिए थे। इसमें से एक एफडीआई को खुली छूट देना भी था। इसके जरिए बीमा और अन्य क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों को निवेश का अवसर मिला। इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि देश में नई तकनीक, पूंजी और रोजगार के लिए अवसर बढ़े।

देश के नागरिकों से जुड़े अधिकारों की बात जब भी होगी, तो इसमें मनमोहन सिंह का भी नाम लिया जाएगा। इनके कार्यकाल में शिक्षा और सूचना के अधिकार को वैधानिकता मिली। बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार इनके कार्यकाल में आया, जिसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) कहा जाता है। वहीं सूचनाओं के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) लाया गया। जिसके माध्यम से सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिली। स्वास्थ्य सुधार से जुड़ी उस समय की बड़ी योजना साल 2005 में लाई गई। इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NRHM) का नाम दिया गया था। इसके जरिए ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाया गया ताकि लोगों को स्वस्थ्य रखा जा सके।

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